Wednesday, October 28, 2009

सूबे में नहीं लागू होगा बटाईदार कानून

डा.श्रीकृष्ण सिंह जयंती के अवसर पर मंगलवार को आयोजित एक समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्पष्ट कहा कि जब पश्चिम बंगाल की मा‌र्क्सवादी सरकार भूमि सुधार के तहत बटाईदार कानून को लागू नहीं कर सकी तो बिहार में इसके लागू होने का सवाल ही नहीं पैदा होता। उन्होंने कहा कि सरकार श्री बाबू की जीवनी प्रकाशित कराएगी। उन्होंने कहा कि श्री बाबू स्वतंत्रता संग्राम के अप्रतिम योद्धा एवं प्रकाण्ड विद्वान थे। अपने संघर्ष और तप की बदौलत उन्होंने देश को आजाद कराया। श्री बाबू ने बिहार में विकास की नींव रखी। वे नायक थे, नई पीढ़ी को उनकी जीवनी से प्रेरणा लेनी चाहिये। सरकार श्रीकृष्ण सिंह की 125 वीं जयंती विस्तृत कार्यक्रम के साथ मनायेगी।
श्रीकृष्ण ज्ञान मंदिर और श्रीकृष्ण विज्ञान केन्द्र के तत्वावधान में आयोजित श्रीकृष्ण जन्म शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीकृष्ण विज्ञान केन्द्र बच्चों की प्रतिभा को बढ़ा रहा है, जो सराहनीय है। श्रीकृष्ण विज्ञान केन्द्र के माध्यम से अंधविश्वास को दूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 1500 साल पहले विश्व प्रसिद्ध खगोलशास्त्री आर्यभट्ट तारेगना में पैदा हुए थे और वे तारों की गणना करते थे। वे खगौल में खगोलीय घटनाओं का अध्ययन करते थे। श्री कुमार ने बताया कि सूर्यग्रहण के दौरान एक ब्राह्मण वैज्ञानिक ने बिस्किट खाने के लिए प्रोत्साहित किया और हमने खा लिया। इसपर विपक्षियों ने यह भ्रम फैलाया कि बिस्किट खाने से राज्य में अकाल पड़ गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे समाज को जोड़ने का काम करते है, तोड़ने का नहीं। श्री बाबू से प्रेरणा लेकर बिहार को हमलोगों ने आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि पूरा देश बिहार का अनुकरण कर रहा है। सूचना के अधिकार के क्रियान्वयन का अनुकरण कांग्रेस शासित राज्यों में की जा रही है। श्री कुमार ने कहा कि साढ़े तीन वर्ष पूर्व जब राज्य में पंचायत और नगर निकाय चुनाव में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण दिया तो लोग मजाक उड़ाया करते थे। आज केन्द्र सरकार ने यह निर्णय लिया है कि पूरे देश में पंचायत एवं नगर निकाय चुनाव में महिलाओं को पचास फीसदी आरक्षण दिया जाएगा।
डा.श्रीकृष्ण सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए संसदीय कार्य मंत्री श्री रामाश्रय प्रसाद सिंह ने कहा कि बटाईदारी कानून के बारे में बंदोपाध्याय कमेटी ने गलत अनुशंसाएं की हैं। श्री सिंह ने कहा कि राज्य को गौरवान्वित एवं विकसित करने का प्रयास श्रीकृष्ण बाबू के बाद नीतीश कुमार ने ही किया है। श्री बाबू के रास्ते पर चलकर वे बिहार का विकास कर रहे हैं। कांग्रेस विधायक दल के नेता डा. अशोक कुमार ने कहा कि श्रीबाबू 50 वर्ष आगे की सोचते थे। श्री बाबू ने अपने अनुभव के आधार पर बटाईदारी कानून की बात रखी थी, अगर ये योजना उस वक्त लागू होती तो नक्सलवाद की समस्या नहीं आती। श्रीकृष्ण विज्ञान केन्द्र के अध्यक्ष श्री एलपी शाही ने कहा कि अन्य राज्यों की तरह हमें अपनी सांस्कृतिक परंपरा को अक्षुण्ण रखना होगा। श्री शाही ने कहा कि डा. श्रीकृष्ण सिंह की बायोग्राफी लिखने वालों को एक लाख का पारितोषक दिया जाएगा। पूर्व मंत्री विश्वमोहन शर्मा ने श्री बाबू को युगद्रष्टा बताया।

1 comment:

  1. बटाईदारी कानून kya hai?

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