Wednesday, May 13, 2009

कोसी प्रकरण पर प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री से की फोन पर बात

May 13
कोसी पीड़ितों की सहायता राशि के रूप में दी गयी एक हजार करोड़ रुपये की वापसी के केन्द्र के फरमान और उसपर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रतिक्रिया के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मंगलवार को फोन मिलाकर श्री कुमार से बात की। प्रधानमंत्री ने कहा कि केन्द्रीय कैबिनेट सचिव को मुख्य सचिव द्वारा भेजा गया पत्र प्राप्त हो गया है, वे पूरे मामले पर फिर से विचार करेंगे।
राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद मुख्यमंत्री से इससे जुड़े सवाल पर कहा कि जब प्रधानमंत्री को कुछ महसूस हुआ होगा तभी तो उन्होंने पुनर्विचार की बात कही है। अपेक्षा है कि प्रधानमंत्री गंभीरता पूर्वक विचार करते हुए जल्द निर्णय करें। अपने इसी कार्यकाल के भीतर। वरना इतिहास देखेगा कि केन्द्र का रवैया बिहार के प्रति ठीक नहीं था। श्री कुमार ने कहा कि कोसी राहत मसले पर हमने केन्द्र के पत्र का प्रतिवाद किया है। केन्द्रीय आपदा मंत्रालय ने कई बैठकों का हवाला देते हुए राहत राशि की वापसी की बात कही है। यह फरमान केन्द्र सरकार का है, सिर्फ आपदा मंत्रालय का नहीं। बिहार मसले पर एकाउंट की गणना सही तरीके से नहीं की गयी है। जिस एकाउंट का केन्द्र ने हवाला दिया है, मुख्य सचिव ने इस सिलसिले में सीएजी को पत्र लिखा है और एजी बिहार को बुलाकर बात की है। मेरे पास पैसे नहीं हैं। कोसी पीड़ितों के राहत मद में काफी खर्च किए गए हैं। 2007 में भी केन्द्र ने आपदा मद में खर्च की गयी राशि की भरपाई नहीं की। प्रधानमंत्री को बिहार के हक का ख्याल रखना चाहिए। उन्होंने खुद राष्ट्रीय आपदा की घोषणा की थी। कोसी पर प्रधानमंत्री के पुन: साफ्ट कार्नर और उसके राजनीतिक निहितार्थ से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी प्रकार का कयास लगाने की जरूरत नहीं है। कोसी पीड़ितों को हक दिलाना सब की जिम्मेदारी है। इस मामले में निर्णय होना चाहिए। यहां सिर्फ आपदा राहत नहीं, पुनर्वास और पुनर्निर्माण की आवश्यकता है। सड़क, कैनाल आदि बुरी तरह ध्वस्त हो गए हैं। सामान्य योजना से इसे पूरा नहीं किया जा सकता। यह सुनामी से कम नहीं था। प्रति परिवार डेढ़ लाख रुपये की दर से घर के लिए मांग की गयी थी। सुनामी पीड़ितों के लिए एक लाख रुपये के हिसाब से मिले थे। इस बीच सामग्री के दाम बढ़ गए हैं। फिर भी हम एक लाख रुपये की दर से राशि लेने पर सहमत हैं।

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