लालू ने जारी किया राजद का घोषणा पत्र
Apr 06, 01:37 am
पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने इस बार लोकसभा चुनाव को अधिक गंभीरता से लेते हुए 32 पृष्ठों का घोषणा पत्र जारी किया है, जिसमें पूरा जोर मुसलमान मतदाताओं को पार्टी के साथ बनाये रखने और रूठे सवर्णो को जोड़ने पर है। दोनों के लिए किसी न किसी प्रकार के आरक्षण के वादे किये गये हैं।
घोषणापत्र में अल्पसंख्यकों के विकास के लिए उन्नीस सूत्री कार्यक्रम बताये गए हैं और वादा किया गया है कि केन्द्र में पुन: सत्ता में आने पर सरकारी व अर्द्धसरकारी विभागों में नौकरी व शैक्षणिक संस्थानों में इस समुदाय के विद्यार्थियों को आरक्षण दिया जाएगा। इसके लिए कानून में संशोधन किया जाएगा। खास बात यह है कि इस बार घोषणा पत्र में सामंती या मनबढ़ जैसे शब्दों से परहेज किया गया है और सवर्णो को रिझाने की कवायद की गयी है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने रविवार को यह घोषणा पत्र जारी किया। इसके जरिये पार्टी ने संविधान की धारा 341 में संशोधन कर दलित मुसलमानों को अनुसूचित जाति का दर्जा दिलाने, दंगारोधी बल का गठन करने और आतंकवाद विरोधी कानून में संशोधन कर साम्प्रदायिकता को भी इसमें शामिल करने का वादा किया है। वक्फ बोर्ड को स्वायत्तता प्रदान करते हुए कानूनी दर्जा दिया जाएगा। अल्पसंख्यकों के लिए सूद रहित कर्ज देने का प्रावधान किया जाएगा। बुजुगरें के सम्मान की योजना शुरू होगी । इसके तहत वरिष्ठ नागरिक सेवा योजना के तहत स्वास्थ्य व अन्य सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएंगी।
घोषणा पत्र में राष्ट्रीय सोच के साथ ही बिहार के विकास की विशेष तौर पर परिकल्पना की गयी है। कहा गया है कि बिहार के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए विशेष सहायता उपलब्ध करायी जाएगी। इसे विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने की कार्य योजना तैयार होगी। राजद ने गंगा के पानी को सूखने से बचाने को भी चुनावी मुद्दा बनाया है। चुनाव सामाजिक न्याय धर्मनिरपेक्षता व जनोन्मुखी विकास के मुद्दे पर लड़ा जाएगा।
राजद ने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के लिए प्रतिबद्धता जतायी है। साफ किया है कि भ्रष्टाचार के मुद्दे को राजनीतिक बदले का हथियार नहीं बनने दिया जाएगा। इसके लिए कानून लागू करने वाली एजेंसियों को अधिकाधिक स्वायत्तता प्रदान की जायगी। ऐसी संरचना बनायी जाएगी कि कोई राजनीतिक दल बदला चुकाने के लिए ऐसी एजेंसियों का दुरूपयोग नहीं कर सके।
ऊंची जाति के गरीब लोगों को सरकारी सेवाओं में आरक्षण के लिए संविधान में संशोधन सम्बन्धित विधेयक का राजद ने समर्थन करने का वादा किया है। रोजगार उपलब्ध कराने के लिए खादी व ग्रामोद्योग आयोग को नया स्वरूप प्रदान किया जाएगा। इसको ग्राहकों की जरूरतों पर आधारित संगठन के रूप में विकसित किया जाएगा।
चुनाव घोषणा पत्र में अर्थव्यवस्था पर अधिक चिंतन किया गया है। वित्तीय अनुशासन मामले में असहमति जतायी गयी है कि राज्य को अपना हाथ खींच लेना चाहिए व निजी क्षेत्रों को धन और संसाधन सौंप देना चाहिए। सरकार को शिक्षा व स्वास्थ्य सरीखे समाज कल्याण के कायरें में महत्वपूर्ण भूमिका निर्वाह करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
विकास योजना का ऐसा माडल होगा जिससे भूख व बेरोजगारी को दूर किया जा सके। भूामि सुधार कार्यक्रम लागू करने के लिए घोषणा पत्र में सिंचित जमीन 10 एकड़, असिंचित 15 एकड़ व ऊसर जमीन के लिए 25 एकड़ की सीमा निर्धारित की है। तौर तरीके तय करने के बाद शहरी भूमि पर भी सीमा लागू की जाएगी।
Source: Dainik Jagran
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