परदेसी नहीं बनेंगे पप्पू, वोट देने जा रहे गांव
Apr 10, 08:08 pm
नई दिल्ली, [संजय सलिल]। संतनगर के चंदन विहार की गली नंबर तीन के मकान नं 31 में रहने वाले अरविंद कुमार सिंह ऐसे 'परदेसी पप्पू' है, जो रोजी-रोटी के चक्कर में दिल्ली आने के बाद आज तक गांव में लोकतंत्र के महापर्व लोकसभा चुनाव में भागीदारी नहीं निभाई। इस बार लोकसभा चुनाव में वोट डालने के लिए गांव गए हैं। वह साथ में पत्नी सुशीला को भी ले गए हैं। वह वोट डालने बेगूसराय के गांव बखरी चले गए? दरअसल यह दैनिक जागरण द्वारा चलाए जा रहे 'जनजागरण' अभियान का कमाल है कि वह वोट डालने के लिए ट्रेन पर चढ़ बैठे।
अरविंद सालों से दैनिक जागरण के नियमित पाठक रहे हैं। ऐसे में अखबार के जनजागरण अभियान ने उन पर खासा असर डाला है। वह कहते हैं कि वह जब से दिल्ली आए हैं, तब से न गांव में और न दिल्ली में वोट डाला है। दैनिक जागरण के जनजागरण अभियान ने उन्हें बहुत प्रभावित किया है। वह कहते हैं कि अब गांवों में भी काफी तब्दीली आ गई है। वहां भी लोग जागरूक हो रहे हैं। जागरण का यह अभियान लोगों को मताधिकार के प्रति न केवल जागरूक कर रहा है, बल्कि उन्हें सही प्रतिनिधि चुनने के लिए प्रेरित भी कर रहा है। अरविंद भी इस अभियान से प्रेरित होकर गांव में 30 अप्रैल को होने वाले लोकसभा चुनाव में पत्नी के साथ वोट डालेंगे।
अशोक विहार में रहने वाले श्याम चंद्र ठाकुर भी लोकसभा चुनाव में वोट डालने गांव जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह साल में एक बार छठ पर्व में गांव जाते थे। इस बार वह केवल वोट डालने के लिए ही गांव जा रहे हैं। जब गांव में रहते थे तो अपने मताधिकार का प्रयोग किया करते थे। दिल्ली आने के बाद कई बार लोकसभा व विधानसभा चुनाव हुए, लेकिन उन्होंने कभी गांव जाकर मतदान करने के बारे में सोचा ही नहीं। इस बार उन्हें दैनिक जागरण के जनजागरण अभियान ने बहुत कुछ सोचने के लिए मजबूर कर दिया है। वह कहते हैं कि वह भारत के नागरिक हैं। ऐसे में उन्हें अपने वतन के बारे में भी सोचना चाहिए। वह देश को तभी उन्नति करते देख सकते हैं जब इसका नेतृत्व सही लोगों के हाथ में होगा। ऐसे में वोट का अधिकार के रूप में उनके पास ऐसा हथियार है जिसके बल पर देश का नेतृत्व मजबूत हाथों में सौंप सकते हैं। यह अभियान लोकतंत्र को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभा रहा है।
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